पाली में स्नेक कैचर कोबरा को डिब्बे में बंद कर अस्पताल में पहुंच गया। 4 फीट का कोबरा डिब्बे में ही फुफकार मार रहा था। ऐसे में स्टाफ और अस्पताल में बैठे लोग घबरा गए।स्नेक कैचर डॉक्टर से बोला- 12 सालों से सांप पकड़ रहा हूं। पहली बार काटा है, मेरा इलाज करो। डॉक्टरों ने सांप को देखते हुए इलाज शुरू किया है। स्नैक कैचर बांगड़ अस्पताल के ओल्ड ICU में भर्ती है। सांप पकड़ कर डिब्बे में डालने के दौरान कोबरा ने उंगली पर काट लिया था।
पाली जिले के तख्तगढ़ के रहने वाले स्नेक कैचर संजय वाल्मीकि (40) ने बताया- मैं पिछले 12-13 सालों से सांपों का रेस्क्यू कर रहा हूं। अब तक करीब 10 हजार सांपों को पाली-जालोर समेत अन्य इलाकों से पकड़ा है। उनका रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा है। संजय ने बताया- बुधवार शाम को भी तखतगढ़ में चौधरियों के मोहल्ले में एक घर में आए सांप को पकड़ने गए थे। यहां ये सांप एक पाइप में बैठा था। यहां से ये निकला तो पत्थर के नीचे बैठ गया। पत्थर हटाकर इसे हाथ में लिया और डिब्बे में डालने लगा तो कोबरा ने उंगली पर डस लिया। इसके बाद मैं इसे डिब्बे बंदकर बांगड़ हॉस्पिटल ले आया। संजय इस सांप को लेकर बांगड़ हॉस्पिटल पहुंचे तो उनके हाथ में डिब्बे में बंद कोबरा सांप फुफकार रहा था। इसे देख कर स्टाफ और अन्य लोग भी घबरा गए।
पाली शहर में गुरुवार सुबह उम्मेद मिल में खाना खा रही एक महिला मजदूर को सांप ने काट लिया। पाली शहर के न्यू शक्ति नगर निवासी मंजू (39) पत्नी सुभाष ने बताया कि वह मिल में काम कर रही थी। लंच होने पर उसने साथी मजदूरों के साथ बैठकर खाना खाया किया। उसके बाद मिल में ही एक चबूतरे पर बैठी थी। जैसे ही पैर लटकाए चबूतरे में हुए एक छोटे गड्ढे में बैठे सांप ने उनके पैर पर काट लिया। साथी मजदूर उसे तुरंत इलाज के लिए पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लेकर पहुंचे।
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