साहित्य के क्षेत्र में भी डॉ. सक्सेना लगातार सक्रिय हैं। उनकी हिंदी कविताओं की दो पुरस्कृत पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। इससे पहले वे गोल्डन डव अवॉर्ड्स, सिंगापुर में गोल्ड मेडल प्राप्त कर चुके हैं तथा हैशटैग कलाकार द्वारा आयोजित वैश्विक कविता प्रतियोगिता में 16वां स्थान हासिल कर चुके हैं। अब इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज यह उपलब्धि उनके साहित्यिक सफर में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ती है।
‘क’ अक्षर का अद्भुत करिश्मा
रिकॉर्ड बनाने वाली कविता ‘क’ की कविता, कलम का कौशल भाषा और शब्द-संयोजन का अनूठा उदाहरण है। पूरी कविता में प्रत्येक शब्द ‘क’ अक्षर से शुरू होता है, फिर भी कविता अपने भाव, अर्थ और लय को सहज रूप से बनाए रखती है। कविता में कर्म, करुणा, कृपा, कला, काल और कर्तव्य जैसे विषयों को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है।जयपुर के वरिष्ठ साहित्यकार एवं इम्यूनोलॉजी के रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. हरि मोहन सक्सेना ने हिंदी साहित्य में एक अनूठा कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने ऐसी हिंदी कविता रची है, जिसके सभी 116 शब्द और 24 पंक्तियां हिंदी वर्णमाला के ‘क’ अक्षर से शुरू होती हैं।
इस अद्वितीय रचना को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने आधिकारिक रूप से रिकॉर्ड के रूप में मान्यता प्रदान की है। इस उपलब्धि पर डॉ. सक्सेना को ‘आईबीआर अचीवर’ का सम्मान, मेडल और प्रमाणपत्र प्रदान किया गया है। उनके इस रिकॉर्ड का उल्लेख इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के 2027 संस्करण में भी प्रकाशित किया जाएगा।
डॉ. हरि मोहन सक्सेना का शैक्षणिक और वैज्ञानिक जीवन भी उतना ही उल्लेखनीय रहा है। वे इम्यूनोलॉजी के सेवानिवृत्त प्रोफेसर हैं और बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना में डीन (पोस्ट ग्रेजुएट स्टडीज) के पद पर सेवाएं दे चुके हैं।
इसके अलावा वे रूस स्थित भारतीय दूतावास में विज्ञान सलाहकार (काउंसलर – साइंस एंड टेक्नोलॉजी) के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। इस दौरान वे यूक्रेन और बेलारूस में स्थित भारतीय दूतावासों से भी जुड़े रहे।
