बीदासर
जैन श्वेतांबर तेरापंथ धर्मसंघ के आचार्य आचार्य महाप्रज्ञ की जयंती को लेकर शनिवार को थान-सुथान भवन में प्रज्ञा दिवस मनाया गया। समाधि केंद्र व्यवस्थापिका साध्वी मंजूयशा के सानिध्य में हुए कार्यक्रम की शुरुआत नमस्कार महामंत्र के मंगलगान से हुई। वक्ताओं ने आचार्य महाप्रज्ञ के व्यक्तित्व, कृतित्व और आध्यात्मिक अवदान की जानकारी दी।
साध्वी मंजूयशा ने कहा कि आचार्य महाप्रज्ञ केवल आध्यात्मिक संत ही नहीं, बल्कि युगद्रष्टा चिंतक थे। उनका जीवन संयम, साधना और करुणा का प्रेरक उदाहरण है। साध्वी चिन्मयप्रभा, साध्वी इंदुप्रभा, साध्वी तीर्थप्रभा, साध्वी मानसप्रभा, साध्वी रमावती, साध्वी किरणमाला, साध्वी नभश्री व साध्वी जयंतयशा ने गीत, कविता और प्रेरक विचारों के जरिए श्रद्धा भाव व्यक्त किए। बच्चों और युवाओं ने भी गीत, वक्तव्य व सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। इस मौके पर महावीर बैद, अमृतलाल, शांति बैंगाणी, शिखा बैद, मोहनी बैंगाणी, सरला गंग, तेयुप अध्यक्ष चिराग बैंगाणी, पूर्व अध्यक्ष पारस बैद, आलोक, रौनक दुगड़ आदि उपस्थित थे।
