प्रदेश में पंचायतीराज और शहरी निकायों के चुनावों से पहले ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए ओबीसी आयोग का सर्वे शुरू हो रहा है। ओबीसी परिवारों का सर्वे करने के लिए शुक्रवार 10 जुलाई से कर्मचारी घर-घर जाएंगे, 13 दिन में सर्वे पूरा होगा। इसके बाद रिपोर्ट तैयार होगी। ओबीसी आयोग की इस रिपोर्ट के बाद ही निकाय और पंचायत चुनावों में ओबीसी का आरक्षण तय होगा और राज्य निर्वाचन आयोग चुनावों की घोषणा करेगा।
आयोग ने सरकार को चेताया- सर्वे में शामिल कर्मचारियों के तबादलों से काम अटकेगा
ओबीसी आयोग ने अब सर्वे में तबादलों की वजह से देरी की आशंका जताई है। ओबीसी आयोग ने सरकार को चिट्ठी लिखकर सर्वे में शमिल कर्मचारियों के तबादलों से काम में बाधा आने और आयोग की रिपोर्ट में देरी होने की चेतावनी दी है। आयोग ने मुख्य सचिव को लिखी चिट्ठी में लिखा है- सरकार ने 10 जुलाई तक कर्मचारियों के तबादलों से बैन हटाया है। इस दौरान कई विभाागों में तबादले हो रहे हैं, इनमें सर्वे के काम में शामिल अफसर, कर्मचारी भी शामिल हैं सर्वे के काम में लगे कर्मचारियों को मौजूदा जगह से रिलीव कर तबादला वाली नई जगह लगाया जाता है तो सर्वे के काम में बाधा आने की संभावना है। ऐसा होने से सर्वे का काम समय पर पूरा नहीं हो पाएगा और ओबीसी आयोग की रिपोर्ट में बेवजह की देरी होगी।
23 जुलाई तक घर घर जाकर सर्वे करना है
ओबीसी आयोग को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की पालना में राज्य में ओबीसी वर्ग का स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों आरक्षण से जुड़ी सिफारिश की रिपोर्ट तैयार करनी है रिपोर्ट के लिए सर्वे के काम में सभी कलेक्टर ने नॉडल अधिकारी,सहायक नॉडल अधिकारी, प्रगणक की नियुक्तियां की गई हैं। 10 जुलाई से 23 जुलाई तक ओबीसी वर्ग के परिवारों का घर-घर जाकर ऑनलाईन सर्वे का काम पूरा किया जाना है।
ओबीसी आयोग की रिपोर्ट अगस्त के दूसरे सप्ताह तक आने की संभावना
ओबीसी आयोग अगस्त के दूसरे सप्ताह तक रिपोर्ट देने की तैयारी में है। अगर दूसरे सप्ताह तक रिपोर्ट आई तो अगस्त अंत या सितंबर तक राज्य निर्वाचन आयोग चुनावों की घोषणा कर सकता है। राज्य निर्वाचन आयोग नवंबर तक दोनों चुनाव पूरे करवा सकता है।
हाईकोर्ट ने 31 जुलाई तक चुनाव करवाने के आदेश दिए थे
हाईकोर्ट ने 31 जुलाई तक पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनाव करवाने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट की समय सीमा में चुनाव नहीं हो पाएंगे। सरकार का तर्क है कि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के बिना चुनाव नहीं करवाए जा सकते। ओबीसी आरक्षण तय तभी हो पाएगा, जब ओबीसी आयोग रिपोर्ट देगा।
इस बीच कांग्रेस नेता संयम लोढ़ा ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर रखी है। सरकार चुनाव के लिए और समय मांगने के लिए याचिका दायर करने की तैयारी में है, लोढ़ा ने कैविएट भी दायर कर दी है इसलिए समय बढ़ाने का फैसला देने से पहले उन्हें भी सुनना होगा।
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