संसद में गुरुवार सुबह हुई धक्कामुक्की की घटना को लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। कांग्रेस मुख्यालय में राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हम शांति से प्रदर्शन करने आए थे, लेकिन भाजपा ने मसल पावर दिखाया। ये उनका अडाणी जैसे जरूरी मुद्दों से ध्यान भटकाने का तरीका है।
वहीं, भाजपा मुख्यालय में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि अगर खड़गे-राहुल को माफी नहीं मांगनी थी तो प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों की। उनका अहंकार झलक रहा है। आज जो संसद में हुआ उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। कांग्रेस ने गुंडे-पहलवान संसद में भेजे हैं।
दरअसल, भाजपा सांसद प्रताप सारंगी ने सुबह आरोप लगाया था कि राहुल ने उनके साथ धक्का-मुक्की की, जिससे उनके सिर में चोट आई। पार्टी के एक अन्य सांसद मुकेश राजपूत ने भी राहुल पर यही आरोप लगाए थे। हालांकि राहुल ने कहा कि भाजपा सांसदों ने उन्हें संसद में जाने से रोका, धमकाया और धक्का-मुक्की की।
संसद में गुरुवार सुबह I.N.D.I.A. ब्लॉक अंबेडकर पर दिए शाह के बयान के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा था। इसी दौरान भाजपा और विपक्षी सांसद आमने-सामने आ गए। इस घटना के बाद ही धक्का-मुक्की शुरू हुई।
राहुल और खड़गे की प्रेस कॉन्फ्रेंस की प्रमुख बातें…
1. गृहमंत्री कुछ बोलने से पहले फैक्ट चेक किया करें
खड़गे ने कहा कि, “कल हमने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उसमें हमने बहुत सी चीजें आपको बताई थीं। और एक मुद्दा हमारे सामने आया है, जो आज की सरकार खासकर प्रधानमंत्री जी और हमारे होम मिनिस्टर बयान जो दे रहे हैं अंबेडकर पर, वो दुखदायक है। आप बगैर फैक्ट देखे बिना प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बोल रहे हैं। जांच तो कर लें कि फैक्ट्स क्या हैं। उसके बाद आप नेहरू जी को गालियां दें, अंबेडकर को अपमानित करें।
2. संविधान पर चर्चा में अमित शाह ने भगवान की अलग व्याख्या कर दी
खड़गे ने कहा- 14 दिन सदन चलाने के लिए हमारा संकल्प था और हमने रोज प्रोटेस्ट किया। रोज मुद्दा था कि अडाणी जो देश को लूट रहे हैं, जो लूटने दे रहे हैं, उनके ऊपर हमारा हमला था, लेकिन बीच में जब संविधान की चर्चा आई, उस वक्त शाह जी को कहां से समझ में आया, किसने ज्ञान दिया, मुझे नहीं मालूम। उन्होंने भगवान की व्याख्या भी अलग कर दी।
खड़गे ने कहा-
अंबेडकर पूजनीय हैं, लेकिन शाह ने कहा कि कितना अंबेडकर, अंबेडकर बोलते हो, अगर इतना भगवान का नाम लेते तो 7 जन्म तक स्वर्ग में रहते। यह मानसिकता जिस लीडर की हो, वो निंदनीय है।
2. अडाणी से ध्यान भटकाने के लिए धक्का-मुक्की की गई
खड़गे बोले, “अडाणी को पोर्ट, रोड, जमीन के ऊपर-नीचे जो है सब दे रहे हैं। रोज उसको बोलना चाहिए कि जहां जगह मिले, वहां नमस्ते करो बैठ जाओ और पैसे आ जाएंगे। ये लोग कभी भी अपनी गलती नहीं मान रहे हैं। हमने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री शाह को बर्खास्त करें। हमें मालूम है कि वो बर्खास्त नहीं करेंगे। सारे हिंदुस्तान में इसको लेकर प्रोटेस्ट हो रहे हैं, कई लोग, कई बच्चे कर रहे हैं। इस मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए दूसरे मुद्दे उठा रहे हैं।”
खड़गे ने कहा, “हम ये बर्दाश्त नहीं करेंगे। देशव्यापी आंदोलन होगा। हर जगह आंदोलन इनकी गलती की वजह से चल रहा है। शाह ने कहा था कि खड़गे ने तोड़-मरोड़कर भाषण पेश किया है। मेरे स्टेटमेंट को जरा अच्छा दिखाइए, ऐसा 3 बार उन्होंने कहा। करने दीजिए उन्हें, सच बात उन्हें बतानी चाहिए, हमें नहीं। ज्यादा पब्लिसिटी उन्हीं की होती है। उनकी पूरी स्पीच कवर होती है। हमने ना धक्का दिया ना कुछ किया, वो हम पर आरोप लगाते जा रहे हैं।”
1. राहुल जानबूझकर हमारे सांसदों के बीच आए
शिवराज सिंह ने कहा कि, आज संसद के बाहर जो हुआ वह अशालीन, अशोभनीय और गुंडागर्दी से भरा व्यवहार था, जिसकी सभ्य समाज कल्पना नहीं कर सकता। विरोध प्रकट करने का अधिकार है। कांग्रेस भी कई दिनों से ऐसा कर रही थी। मकरद्वार पर उनके मेंबर्स खड़े होते थे, हम दरवाजा बदल लेते थे या चुपचाप चले जाते थे। आज जब भाजपा मेंबर्स वहां विरोध कर रहे थे, तब राहुल आए। सुरक्षाकर्मियों ने कहा कि आप स्पेस का इस्तेमाल अंदर जाने के लिए करें। जानबूझकर, सोच-समझकर राहुल हमारे सांसदों के बीच पहुंच गए। उन्होंने ऐसा व्यवहार किया।