सादुलपुर के खेमाना जोहड़ की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप सामने आया है। भू-माफियाओं पर करोड़ों रुपए की इस भूमि पर अतिक्रमण करने का आरोप है। रात में जेसीबी और ट्रैक्टरों का उपयोग कर जोहड़ की भूमि को समतल किया गया। साथ ही, लाखों रुपए की मिट्टी की खुदाई कर उसे बाहर ले जाया गया।
ये गतिविधियां ऐसे स्थान पर हुई हैं, जहां से प्रशासनिक अधिकारियों और आम लोगों का दिन-रात आवागमन रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकारियों की कथित चुप्पी से अतिक्रमणकारियों के हौसले बढ़ रहे हैं।ग्रामीणों ने बताया- सुप्रीम कोर्ट ने जोहड़, तालाब और अन्य सार्वजनिक जल स्रोतों की भूमि को सुरक्षित रखने के लिए कड़े निर्देश दिए हैं। यदि ये आरोप सही हैं, तो ये न्यायालय के निर्देशों का उल्लंघन माना जाएगा। शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने जोहड़ पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच, अतिक्रमण हटाने, सरकारी भूमि को सुरक्षित करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
हल्का पटवारी रविंद्र ने बताया- ये जमीन जोहड़ पायतन की है। रात में जेसीबी लगने की सूचना पर मौके पर जाकर पाबंद किया गया था, लेकिन सुबह फिर से जेसीबी से भूमि को समतल किया गया। उन्होंने इस संबंध में तहसीलदार को रिपोर्ट पेश करने की बात कही। सत्यवीर खेमाना, रणसिंह पूनिया और राजेश भामासी सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि ये सालों पुराना खेमाना जोहड़ था, जहां पशु चरते और पानी पीते थे। ग्रामीणों ने जोहड़ को बचाने के लिए आंदोलन की चेतावनी दी है। भाजपा नेता जोगेंद्र झाझड़िया ने कहा कि सरकार की भूमि पर किसी भी सूरत में कब्जा नहीं होने दिया जाएगा।
