लूणकरणसर कस्बे में करोड़ों रुपए की सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटा दिया गया है। प्रशासन ने यह कार्रवाई कर जमीन को अपने कब्जे में ले लिया। यह अतिक्रमण लूणकरणसर कस्बे में सरकारी स्कूल के सामने कालू रोड पर बेशकीमती सरकारी जमीन पर किया गया था।
यहां स्थायी और अस्थायी निर्माण कर व्यावसायिक उपयोग हो रहा था। ग्रामीणों द्वारा लंबे समय से इस सरकारी और सार्वजनिक जमीन पर अतिक्रमण कर दुकानें बनाने की शिकायतें प्रशासन को मिल रही थीं। उपखंड अधिकारी दयानंद रूयल द्वारा कराई गई जांच में मिलाप बोथरा द्वारा बेशकीमती सरकारी जमीन पर स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण कर व्यावसायिक उपयोग करना पाया गया।
उपखंड अधिकारी के निर्देश पर शुक्रवार को प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए अस्थायी अतिक्रमण हटाए और पक्के निर्माण को सीज कर दिया। इस कार्रवाई में राजस्व तहसीलदार विनोद पूनिया,सर्किलअधिकारी रणवीर सिंह, सीआई गणेश विश्नोई और नगरपालिका ईओ भवानीदान चारण सहित अन्य अधिकारी और टीम शामिल थी।
यह अतिक्रमण सालों पुरानी सार्वजनिक बावड़ी के सामने कालू रोड पर था। इस बेशकीमती सरकारी जमीन पर हुए अतिक्रमण का विरोध पहले भी कई बार हो चुका था। उपखंड प्रशासन ने शुक्रवार को इस अतिक्रमण को हटाने और निर्माण को सीज करने की कार्रवाई की।
उपखंड अधिकारी दयानंद रूयल ने बताया कि यह बावड़ी एक पुरातात्विक धरोहर है। नगरपालिका अब इस ऐतिहासिक बावड़ी के संरक्षण और जीर्णोद्धार की प्रक्रिया शुरू करेगी, ताकि इसे सार्वजनिक उपयोग के लिए फिर से खोला जा सके।
