खेजड़ा गांव में पिछले दो वर्षों से पेयजल संकट बना हुआ है। लगभग एक हजार घरों की आबादी नियमित जलापूर्ति न होने से परेशान है। इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर ग्रामीणों ने शुक्रवार को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ, जिससे ग्रामीणों में गहरा रोष है।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे मुख्य हाईवे जाम कर उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
ग्रामीणों ने विभाग से तत्काल जलापूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ पेयजल संकट के स्थायी समाधान की मांग की।
इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। इनमें पवन कुमार तिवाड़ी, मोरसिंह पवार, राजूराम सारण, ओमप्रकाश धनोदिया, रमेश कुमार सारण, विद्याधर बोहरा, महावीर बोहरा, हनुमान पांडे, रामलाल पांडिया, बद्रीप्रसाद जोशी, धर्मचंद सारण, नेतराम, हेतराम मूड़, रघुवीर सिंह भाटी, जेठूसिंह भाटी, संतलाल सारण, लीलाधर धनोदिया, मांगीलाल मेहरा, दीपाराम गोदारा, अमरचंद, भैराराम सारण, बद्रीप्रसाद चंदेल, रूक्मानंद पारीक, हेमराज देवना, श्रवण कुमार नाई, भोमाराम सारण, काशीराम देवना, दुलाराम बालान, पूर्णाराम, मोडूराम, मूलाराम चंदेल, देवीलाल नाई, नोपाराम नाई और भैराराम सारण सहित सैकड़ों ग्रामीण शामिल थे।
