थर्ड ग्रेड टीचर भर्ती में कैंडिडेट्स को फेक खेल सर्टिफिकेट बनाकर देने के मामले में पूर्व ताइक्वांडो अकादमी के संचालक को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने फेक सर्टिफिकेट के बदले रुपए वसूले थे। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) आरोपी से पूछताछ कर रही है। एडीजी (एसओजी) विशाल बसंल ने बताया कि आरोपी बालकंवर सैनी (33) निवासी लालचंदपुरा खोराबीसल को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने साल 2021-22 की थर्ड ग्रेड टीचर (लेवल-1) भर्ती परीक्षा में खेल कोटे के तहत फेक ताइक्वांडो सर्टिफिकेट के आधार पर नौकरी दिलवाई थी।
तइक्वांडो अकादमी चलाता था आरोपी
एसओजी जांच में सामने आया कि साल-2017 में आरोपी खुद की तइक्वांडो अकादमी संचालित करता था। अकादमी के बचे हुए हस्ताक्षरित खाली प्रमाण-पत्रों को अन्य आरोपियों को उपलब्ध करवाए थे, जिनका इस्तेमाल फेक सर्टिफिकेट तैयार करने में किया गया था। इसके आधार पर टीचर भर्ती में कई कैंडिडेट ने फेक ताइक्वांडो खेल सर्टिफिकेट और फेक सत्यापन रिपोर्ट पर नियुक्ति प्राप्त कर ली थी।
फर्जी सर्टिफिकेट के बदले मिले रुपयों को आपस में बांटा
एसओजी जांच में पता चला कि आरोपी बालकंवर सैनी के पास कॉम्पिटिशन एग्जाम के बाद 4 हस्ताक्षरित खाली प्रमाण-पत्र रह गए थे। इन खाली प्रमाण-पत्र को विष्णु भाखड़ीवाल और कप्तान सिंह ने हासिल कर फेक सर्टिफिकेट तैयार किया था, जिसके बदले करीब 60 हजार रुपए वसूले गए थे। करीब 20 हजार रुपए आरोपी बालकंवर सैनी को दिए गए थे। फेक सर्टिफिकेट से सरकारी नौकरी हासिल करने का प्रयास किया गया। विष्णु भाखड़ीवाल और कप्तान सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था।
2 प्रतिशत अभ्यर्थियों का किया जाना था चयन
कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से साल-2022 में आयोजित थर्ड ग्रेड टीचर (लेवल-1) भर्ती परीक्षा में खेल कोटे के तहत 2 प्रतिशत अभ्यर्थियों का चयन किया जाना था। जांच में सामने आया कि ताईक्वांडो खेल के राष्ट्रीय स्तर के फर्जी प्रमाण-पत्रों के आधार पर दो गुना चयन सूची में शामिल 38 अभ्यर्थियों ने चयन के बाद शिक्षा विभाग की चयन समिति के सामने ये डॉक्यूमेंट्स पेश किए थे।
