सावन के पहले सोमवार के दिन राजस्थान के शिवालयों में भारी भीड़ रही। जयपुर के ताड़केश्वर महादेव मंदिर में सुबह 4 बजे उज्जैन महाकाल की तर्ज पर भस्म आरती की गई। पुजारी शक्ति व्यास ने बताया- मंदिर का पट सुबह 3.45 पर खोल दिया गया था। सुबह 4.30 बजे भगवान भोलेनाथ का 51 किलो देसी गाय के घी, 151 किलो दूध, दही, शहद और शक्कर से अभिषेक किया गया। मंगला आरती के समय भगवान भोलेनाथ को दूल्हे स्वरूप में श्रृंगार किया गया। जालोर के सिरे मंदिर में श्रद्धालुओं ने 1000 सीढ़ियां चढ़कर भगवान की पूजा की। जयपुर में श्रद्धालुओं ने गलताजी से जल भरा और शिवालयों के लिए रवाना हुए। राजधानी के झारखंड महादेव मंदिर के बाहर करीब 2 किमी लंबी लाइन लगी। श्रद्धालु कतारबद्ध होकर जलाभिषेक के लिए अपनी बारी का इंतजार करते रहे।
कांवड़ यात्रा और मंदिरों मे भीड़ को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। शहर में करीब 200 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे, जबकि कांवड़ यात्रा मार्गों और संवेदनशील क्षेत्रों पर ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी रखी गई। प्रमुख मंदिरों में बैरिकेडिंग, अलग-अलग प्रवेश और निकास मार्ग, पार्किंग और पुलिस जाब्ते की व्यवस्था की गई। पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने सभी अधिकारियों को संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए थे।
