नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने सभा में मंच पर माइक फेंक दिया और कार्यक्रम छोड़कर चले गए। बेनीवाल भाषण के बीच में युवाओं के शोर मचाने से नाराज हो गए थे। सारा घटनाक्रम रविवार देर रात चूरू में आरएलपी पार्टी कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। दरअसल, छापर में रतनगढ़ रोड पर आरएलपी के कार्यालय का उद्घाटन रविवार शाम 7.15 बजे का तय था। मगर आरएलपी प्रमुख हनुमान बेनीवाल रात करीब साढ़े 11 बजे पहुंचे थे। सभा में करीब 4 से 5 हजार लोगों की भीड़ मौजूद थी। बेनीवाल ने भाषण शुरू किया और राजनीतिक विरोधियों पर हमला बोल रहे थे। इसी दौरान सामने बैठे कुछ युवाओं के शोर मचाने पर उन्होंने कई बार उन्हें शांत रहने के लिए कहा। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा- तुमने नेता देखा है कि नहीं? तुम लोग बावले क्यों हो रहे हो? स्कूल वाले बच्चे कब आगे बढ़ेंगे, यह जानते ही नहीं हो।
नारेबाजी बढ़ी तो बेनीवाल गुस्सा हो गए
नारेबाजी जारी रहने पर बेनीवाल गुस्सा हो गए। उन्होंने कहा- मैं दोबारा यहां नहीं आऊंगा। अभी बिना भाषण दिए चला जाऊंगा। कौन सा तुम सुबह वोट डाल दोगे? किसी का समय खराब करते हो। इसके बाद भी जब युवक नहीं रुके, तो उन्होंने मंच से पूछा- क्या किसी विरोधी ने तुम्हें भेजा है? कौन हो तुम लोग? इन्हें चुप कराओ। शर्म नहीं आती। आयोजकों ने ऐसे लोगों को यहां क्यों बैठाया?
मेरे जैसे आदमी को ऐसी जगह नहीं लाना चाहिए था
बेनीवाल ने नारेबाजी करने वालों को जमकर भला-बुरा कहा। उन्होंने कहा कि यह आयोजकों की बहुत बड़ी गलती है। ऐसी जगह मेरे जैसे आदमी को नहीं लाना चाहिए। क्योंकि आपका स्तर इतना बड़ा नहीं है। आपको तो प्रधान-प्रमुख जैसे लोगों को बुलाकर भाषण करवाना चाहिए। रात को कौन घूमता है? मैं कोई खाली थोड़े ही हूं। शर्म है नहीं, बिल्कुल बेशर्म हो। लोग तुम्हें सड़कों पर मार रहे हैं, पीट रहे हैं, हर जगह मार रहे हैं, फिर भी समझदार नहीं बन रहे हो। ये स्कूल के बच्चों को क्यों पकड़कर लाए? यहां क्यों बिठाया है? ये बेशर्म बच्चे कहां से कामयाब होंगे? इनकी नौकरी नहीं लगेगी, ऐसे ही भटकेंगे पूरे जीवन…। चलो, अब भाषण नहीं दूंगा। इतना कहकर बेनीवाल ने मंच पर माइक फेंक दिया और कार्यक्रम छोड़कर चले गए। घटना का वीडियो सामने आया है, जो चर्चा का विषय बना हुआ है।
चूरू की राजनीति की वजह से मेरी दुश्मनी हुई
बेनीवाल ने चूरू जिले की राजनीति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कमजोर लोग हो तुम, तभी तो तुम्हारा शोषण हो रहा है। इस चूरू जिले की राजनीति की वजह से मेरी राजस्थान में जगह-जगह दुश्मनी हुई। जब चूरू के लोग कमजोर थे और उन्हें मारा गया, तो हनुमान बेनीवाल उनके साथ आया और उनकी लड़ाई राजस्थान में बढ़ गई। उन्होंने आरोप लगाया कि चूरू के नेता तो वापस चले गए, कोई बीजेपी में सेट हो गया, कोई कांग्रेस में हो गया, लेकिन मैं लोगों के आंसू देखकर रात को एक बजे तक लड़ता रहा।
