पलसाना के डूकिया गांव में बिजली लाइन पर काम करते समय करंट लगने से एवीवीएनएल लाइनमैन शंकरलाल की मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों और कर्मचारियों ने धरना शुरू कर दिया था, जो शुक्रवार को खत्म हो गया। प्रशासन और एवीवीएनएल अधिकारियों के साथ हुई वार्ता में 8 सूत्रीय मांगों पर सहमति बनने के बाद धरने को खत्म करने की घोषणा की गई। यह घटना शुक्रवार को डूकिया गांव स्थित महालक्ष्मी मंदिर के पास हुई। शंकरलाल बिजली के खंभे पर चढ़कर लाइन पर काम कर रहे थे, तभी वे करंट की चपेट में आ गए। उन्हें गंभीर हालत में पलसाना ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन, ग्रामीण और बिजली विभाग के कर्मचारी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मुआवजे और अन्य मांगों को लेकर धरना शुरू कर दिया।
8 सूत्रीय मांगों पर सहमति बनी
प्रशासन और एवीवीएनएल अधिकारियों के साथ हुई वार्ता में प्रदर्शनकारियों की 8 सूत्रीय मांगों पर सहमति बनी। समझौते के अनुसार मृतक के परिजन को संविदा पर नियुक्ति, 20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता, 6 साल तक पूर्ण पेंशन और उसके बाद नियमानुसार 60 प्रतिशत पेंशन दी जाएगी। विभागीय बीमा का लाभ, उपार्जित अवकाश का भुगतान, भविष्य निधि (पीएफ) और विभाग के नियमानुसार अन्य सभी देय लाभ देने का आश्वासन भी दिया गया। सहमति बनने के बाद परिजनों और कर्मचारियों ने धरना खत्म कर दिया। परिजनों की उपस्थिति में मृतक का पोस्टमार्टम कराया गया और शव अंतिम संस्कार के लिए उन्हें सौंप दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान प्रशासनिक अधिकारी, एवीवीएनएल के अधिकारी और खाटूश्यामजी सदर थाना पुलिस मौके पर मौजूद रही।
पलसाना के डूकिया गांव में शुक्रवार सुबह बिजली लाइन पर काम करते समय करंट लगने से लाइनमैन की मौत हो गई। मृतक की पहचान डूकिया निवासी शंकरलाल बेटा जीवणराम के रूप में हुई है। यह घटना सुबह करीब 8 बजे महालक्ष्मी मंदिर के पास हुई। हादसे के बाद शंकरलाल को गंभीर हालत में पलसाना ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन ट्रॉमा सेंटर पहुंच गए। उन्होंने बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों के मौके पर आने तक धरना समाप्त नहीं करने की घोषणा की है। परिजनों की मुख्य मांगों में मृतक के परिवार को 1 करोड़ रुपए का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और संबंधित सहायक अभियंता (एईएन) और कनिष्ठ अभियंता (जेईएन) को बर्खास्त करना शामिल है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए खाटूश्याम सदर थाना पुलिस भी ट्रॉमा सेंटर पहुंची। पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर तैनात है। प्रशासन और बिजली विभाग के अधिकारियों के पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है।
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