राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आयोग द्वारा कराई जा रही अन्य पिछड़ा वर्ग की ऑनलाइन गणना में सिद्ध जाति का नाम अलग रूप से शामिल नहीं किए जाने के विरोध में जसनाथजी धाम सिद्ध रूस्तम धोरा ओरण ट्रस्ट के नेतृत्व में समाज के प्रतिनिधियों ने तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन। ज्ञापन में बताया गया कि वर्तमान में ओबीसी गणना की ऑनलाइन सूची में सिद्ध जाति का नाम अलग से उपलब्ध नहीं होने के कारण समाज के लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। समाज ने मांग की है कि सिद्ध जाति को ऑनलाइन सूची में पृथक रूप से शामिल किया जाए। यदि ऐसा संभव नहीं हो तो सिद्ध समाज को जाट जाति के साथ दर्ज किया जाए। ज्ञापन में लिखा गया कि केवल नाम के साथ नाथ शब्द लगाए जाने के कारण सरकारी अभिलेखों में सिद्ध समाज को नाथ व जोगी समुदाय के साथ जोड़ दिया गया। जबकि सिद्ध समाज का नाथ व जोगी समाज से सामाजिक, सांस्कृतिक अथवा पारिवारिक स्तर पर कोई संबंध नहीं है। ज्ञापन देने वालों में पोकरनाथ डांगा, लिच्छुनाथ, काननाथ मुंड जोगलिया, सुखनाथ ज्याणी, पदमनाथ धाड़ीवाल, हीरनाथ आदि शामिल थे।
