सादुलपुर में मूंग की फसल पर गोजा लट का प्रकोप बढ़ रहा है। इसे लेकर मूंग की फसल को नुकसान हो रहा है। वहीं, दूसरी ओर मानसून में देरी के साथ ही दूसरी फसलें भी सूखने लगी है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान की आशंका है। तहसील के धोलिया, ददरेवा, सेऊवा, मानपुरा, चिमनपुरा, झाड़सर सहित दर्जनों गांवों के सैकड़ों खेत अब खाली होने की कगार पर हैं। किसानों के अनुसार, शुरुआत में फसल अच्छी दिख रही थी, लेकिन अब गोजा लट के प्रकोप से मूंग की फसल सूखने लगी है। इसके अलावा, मानसून में देरी के कारण अन्य फसलें भी अचानक सूख रही हैं। धोलिया गांव के किसान रामप्रसाद साहू ने बताया कि उनका परिवार पूरी तरह खेती पर निर्भर है और फसल खराब होने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
किसान आर पी साहू, रामस्वरूप हवासिंह फगेड़िया, चंदगीराम, दीपचंद श्री चंद साहू, राजकुमार फगेड़िया, निकंदन ढाका जयप्रकाश सहारण ने बताया कि प्रति हेक्टेयर बुवाई पर लगभग 2,000 रुपए और बीज पर 2,500 रुपए का खर्च आया है, जिससे कुल 4 से 5 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर का प्रारंभिक व्यय हुआ। कुछ किसानों को दोबारा बुवाई भी करनी पड़ी, जिससे उनका लाखों रुपए का खर्च पहले ही हो चुका है। किसानों ने कृषि विभाग से प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वे कराने, उचित सलाह देने, नुकसान का आकलन करने और कीटनाशक दवाएं निशुल्क उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि वे पहले ही खेती में भारी खर्च कर चुके हैं और अब फसल पर ही उनकी उम्मीदें टिकी थीं, जो कीट के प्रकोप से टूटती नजर आ रही हैं।
कृषि विभाग के अधिकारी विजय पुरी ने बताया- पिछले साल भी गोजा लट के प्रकोप का सर्वे किया गया था। ये लट पौधे की जड़ काट देती है। इसकी रोकथाम के लिए किसानों को बारिश के तुरंत बाद, जब कीट उड़ते हैं, समूह में दवा का छिड़काव करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक बार लट बनने के बाद वह जमीन के अंदर चली जाती है, जिस पर दवा का असर नहीं होता।
