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चूरू जिले में एक सप्ताह से बारिश नहीं हो रही है। शुक्रवार को प्रदेश में श्रीगंगानगर के बाद चूरू सबसे गर्म दर्ज किया गया। श्रीगंगानगर में अधिकतम पारा 41.8 जबकि चूरू में 41.1 डिग्री दर्ज किया गया। इससे पूर्व चूरू में छह जुलाई को अधिकतम तापमान 41.7 डिग्री दर्ज किया गया था।

मानसून की बेरुखी का सबसे अधिक असर खरीफ की बारानी खरीफ फसलों पर पड़ रहा है। बारिश व नमी की कमी से फसलें मुरझाने लगी हैं। जिले में अधिकांश बुवाई जून के दूसरे पखवाड़े में की गई है। ऐसे में फसलें अभी पर्याप्त रूप से विकसित भी नहीं हो पाई है तथा उनकी बढ़वार भी रुक गई है। अगर आगामी एक सप्ताह में मानसून ने फिर से जोर नहीं पकड़ा तो इस बार खरीफ फसलों में भारी नुकसान होने का डर किसानों को सता रहा है। मौसम विभाग कमजोर मानसून रहने की चेतावनी जारी कर चुका है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 0.5 डिग्री बढ़कर 41.1 व न्यूनतम तापमान 0.9 डिग्री बढ़कर 30.1 डिग्री पर पहुंच गया। गुरुवार को अधिकतम तापमान 40.6 व न्यूनतम तापमान 29.2 डिग्री दर्ज हुआ था।

डीबी अस्पताल वरिष्ठ ​िफजिशयन डॉ. आरिफ खान ने बताया कि तेज गर्मी से बचाव के लिए दिन में कम से कम 3-4 लीटर पानी पीएं। इसके अलावा नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ, लस्सी और आम पन्ना का सेवन करें। हरी व सब्जियां व फलों का सेवन बढ़ाएं। ये शरीर में पानी का स्तर बनाए रखते हैं। तला-भूना व मसालेदार खाना खाने से बचें। बासी खाने और सड़क किनारे खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचें। दोपहर 12 बजे से चार बजे के बीच धूप में निकलने से बचें। तेज बुखार, त्वचा का लाल होना, बहुत अधिक सूखा होना, सिरदर्द, चक्कर और उल्टी तथा मांसपेशियों में खिंचाव जैसी स्थिति महसूस हो, तो तुरन्त डॉक्टर से सलाह लेकर जांच करवाएं। जिले में अब तक 10.57 लाख हैक्टेयर से अधिक में खरीफ फसलों की बुवाई हो चुकी है। इसमें कपास आठ हजार हैक्टेयर, मूंगफली 112600 हैक्टेयर, ग्वार 160200 हैक्टेयर, मूंग 334600 हैक्टेयर, मोठ 157000, बाजरा 242000, तिल 630 हैक्टेयर के अलावा सब्जी व अन्य फसलों को मिलाकर कुल 10.57 लाख हैक्टेयर में बुवाई हुई है। 22 जुलाई के बाद ही बारिश की संभावना : जयपुर मौसम केन्द्र निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि राज्य के अधिकांश भागों में कमजोर मानसून परिस्थितियां आगामी तीन-चार दिन जारी रहने की प्रबल संभावना है। हालांकि पूर्वी राजस्थान के कोटा, भरतपुर, जयपुर संभाग के कुछ भागों में बारिश की गतिविधियों में 21 जुलाई से बढ़ोतरी होने की संभावना है। वहीं 22-23 जुलाई से राज्य के पश्चिमी व मध्य भागों में भी बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है। 23 से 28 जुलाई के दौरान पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर व बीकानेर संभाग के कुछ भागों में भी बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावना है।

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