पहले रैंप शो के बाद मैं ऑटो में बैठकर पूरे रास्ते रोती रही थी… पहले फोटोशूट के बाद भी घर जाकर रोई थी। हिट फिल्म के बाद भी 15 महीने काम नहीं मिला। कई बार ऐसा हुआ कि जिस फिल्म के लिए ऑडिशन दिया, आखिर में वह किसी स्टार किड को मिल गई। कई-कई महीने तक कोई ऑडिशन नहीं आता था। मैं मां को दिन में दस-दस बार फोन करके रोती थी।
आज कृति सेनन बॉलीवुड की सफल अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। उनके नाम नेशनल अवॉर्ड, कई सुपरहिट फिल्में और अपना प्रोडक्शन हाउस है। लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने का रास्ता रिजेक्शन, अकेलेपन, तानों और आत्मविश्वास की लड़ाई से होकर गुजरा है।
यह कहानी उस लड़की की है, जिसने कभी एक्टिंग का सपना नहीं देखा था, लेकिन रास्ता चुना तो पीछे मुड़कर नहीं देखा।
दिल्ली की इंजीनियरिंग स्टूडेंट, जिसने सपनों के दम पर बॉलीवुड तक का सफर तय किया
कृति सेनन का जन्म 27 जुलाई 1990 को नई दिल्ली में हुआ। उनके पिता राहुल सेनन चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, जबकि मां गीता सेनन दिल्ली विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर रह चुकी हैं। उनकी छोटी बहन नूपुर सेनन भी अभिनय और सिंगिंग की दुनिया में सक्रिय हैं।
कृति ने शुरुआती पढ़ाई दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), आर.के. पुरम से की। इसके बाद जेपी इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, नोएडा से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बी.टेक की डिग्री हासिल की।
‘मैं पढ़ाई में अच्छी थी, फिल्मों में आने का कभी नहीं सोचा’
कृति सेनन ने बॉलीवुड बबल को दिए इंटरव्यू में बताया था कि बचपन में उनका पूरा ध्यान पढ़ाई पर रहता था। वह पढ़ाई में अच्छी थीं, लेकिन बेहद शर्मीली भी थीं। वह कहती हैं,”मुझे स्टेज पर जाने से भी डर लगता था। डांस करना पसंद था, लेकिन एक्टिंग, थिएटर या ड्रामा में मैंने कभी हिस्सा नहीं लिया। फिल्मों में आने का तो मैंने कभी सोचा ही नहीं था।”
स्कूल के बाद इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू हुई। जिंदगी तय रास्ते पर चल रही थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि यही लड़की आगे चलकर बॉलीवुड की बड़ी स्टार बनेगी।
बी.टेक के दौरान एक सलाह ने बदल दी जिंदगी
इंजीनियरिंग के दौरान एक दिन किसी ने कृति से कहा, “तुम्हारी हाइट अच्छी है, मॉडलिंग क्यों नहीं ट्राय करती?”
पहली प्रतिक्रिया थी- “नहीं… ये मेरे बस की बात नहीं।” लेकिन फिर उन्होंने सोचा कि कोशिश करने में नुकसान नहीं है। अगर कुछ नहीं हुआ, तो कम से कम कॉन्फिडेंस बढ़ जाएगा। यही फैसला उनकी जिंदगी का बड़ा टर्निंग पॉइंट बन गया।
बहन ने खींचीं तस्वीरें… और किस्मत ने नया दरवाजा खोल दिया
कृति के पास प्रोफेशनल पोर्टफोलियो नहीं था। उनकी छोटी बहन नूपुर ने घर पर ही कुछ तस्वीरें खींचीं।
आज उन तस्वीरों को देखकर कृति खुद हंस पड़ती हैं। वह कहती हैं, “आज भी जब वो तस्वीरें देखती हूं तो हंसी आती है कि कितनी अजीब थीं।”
उन्होंने वही तस्वीरें एक वेबसाइट पर चल रहे फ्रेश फेस कॉन्टेस्ट में भेज दीं। इनाम था- मशहूर फोटोग्राफर डब्बू रत्नानी से मुफ्त पोर्टफोलियो शूट। कृति को सिर्फ इतना पता था कि डब्बू रत्नानी से फोटोशूट महंगा होता है। फैशन और मॉडलिंग की दुनिया के बारे में उन्हें कुछ भी नहीं मालूम था।
किस्मत ने साथ दिया…वह कॉन्टेस्ट जीत गईं। यहीं से मॉडलिंग का पहला कॉन्ट्रैक्ट मिला और फिल्मों तक जाने वाली राह खुली।
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