चूरू | कलेक्टर अभिषेक सुराणा के निर्देशन में को आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों की त्वरित प्रतिक्रिया व समन्वय क्षमता का आकलन करने के लिए रोडवेज बस स्टैंड पर बस दुर्घटना की मॉक ड्रिल की गई। मॉक ड्रिल में आवश्यक सेवाओं के संबद्ध विभिन्न विभागों के रिस्पॉन्स टाइम की परखा गया। कंट्रोलरूम से दुर्घटना की सूचना मिलने पर कलेक्टर सुराणा, एसपी निश्चय प्रसाद एम, एडीएम अर्पिता सोनी सहित अन्य अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। प्रशासन, पुलिस, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, अग्निशमन, राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम, नगर परिषद तथा अन्य विभागों की टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं।
दुर्घटना में घायल यात्रियों के सुरक्षित रेस्क्यू, प्राथमिक उपचार, एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाने, यातायात व्यवस्था बहाल करने, आग पर नियंत्रण तथा भीड़ प्रबंधन सहित सभी प्रक्रियाओं का अभ्यास किया। कलेक्टर ने कहा कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य हमारी तैयारियों की वास्तविक परीक्षा लेना, कमियों की पहचान करना और उन्हें समय रहते दूर करना है। एसपी ने कहा कि किसी भी बड़ी दुर्घटना या आपदा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ राहत व बचाव कार्य, भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। मॉक ड्रिल में तीन रोडवेज कार्मिक तथा निजी बस में दो लोगों की मृत्यु तथा अन्य यात्रियों के गंभीर व सामान्य घायलों को आपात सेवाओं की उपलब्धता का अभ्यास किया गया। इस दौरान एसडीएम धीरज झाझड़िया, आयुक्त अभिलाषा सिंह, पीआरओ सूर्यकांत कुमावत, एसई अजय शर्मा, रोडवेज मुख्य प्रबंधक सुदीप शर्मा, एसजेईडी डीडी सत्येन्द्र पाल वीर, गौरव खिड़िया, सुखराम चोटिया आदि मौजूद रहे।
