चाड़वास गांव के गुलाब भवन में रविवार को हम कामगार समाज का जिला स्तरीय सम्मेलन हुआ। समाज के प्रबुद्धजनों ने समाज में शिक्षा, समानता, एकता, बंधुत्व व आपस में भाईचारा कायम करने के साथ समाज में फैली कुरीतियों को मिटाने का संकल्प लिया। अध्यक्षता हम कामगार समाज के रतनगढ़ अध्यक्ष हरिप्रसाद हर्षवाल ने की।
कुरुक्षेत्र के पूर्व सांसद राजकुमार सैनी मुख्य अतिथि तथा दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री संदीप वाल्मीकि, सुजानगढ़ विधायक मनोज मेघवाल, सूरतगढ़ विधायक डूंगरराम गेदर, केश कला बोर्ड पूर्व अध्यक्ष महेंद्र गहलोत, पूर्व मंत्री खेमाराम मेघवाल विशिष्ट अतिथि थे।
मुख्य अतिथि सैनी ने कहा कि कामगार वर्ग की एकता ही समाज में संतुलन व मजबूती पैदा कर सकती है। किसी भी वर्ग को उपेक्षित कर समाज का सर्वांगीण विकास नहीं हो सकता इसलिए कामगार वर्ग के सभी लोगों को एकजुट होकर अपनी उन्नति के लिए प्रयास करने चाहिए। संदीप वाल्मीकि ने कहा कि मूल ओबीसी सहित एससी-एसटी की जनसंख्या के अनुपात में देश में राजनीतिक दलों, सरकारी पदों, विभिन्न कॉलेजों व विभागों सहित सरकारी योजनाओं में भी अलग से हिस्सेदारी होनी चाहिए।
सम्मेलन को हनुमानगढ़ के कर्नल ओपी सुमरा, चूरू के चंद्रमोहन सैनी, सरदारशहर के ओमप्रकाश खेजड़ा, बीकानेर स्वामी समाज संभागीय समिति अध्यक्ष एडवोकेट सूर्यप्रकाश स्वामी, बीदासर निवर्तमान पालिकाध्यक्ष सीताराम भोभरिया, चाड़वास के गोविंद बाहरठ, सरदारशहर के जगदीश धन्नावंशी, चूरू के रिछपाल चारण, सुजानगढ़ के बजरंगलाल सैन, पूर्व जिला शिक्षाधिकारी धनाराम प्रजापत, छापर सैन समाज अध्यक्ष बाबूलाल गौड़, समाजसेवी पुटिया राजा आदि ने संबोधित किया। सम्मेलन में पूर्व मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बयानबाजी की, तो वहां मौजूद भाजपा समर्थक कार्यकर्ता भड़क गए तथा हो-हल्ला करने लगे। कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह सामाजिक सम्मेलन है ऐसे में यहां पर सामाजिक एकजुटता पर ही चर्चा होना चाहिए। प्रधानमंत्री के खिलाफ बयानबाजी को भाजपा समर्थित कार्यकर्ता बर्दाश्त नहीं करेंगे।
पदाधिकारियों ने बीच-बचाव कर आक्रोश शांत किया। सम्मेलन निर्धारित समय से डेढ़ घंटे पूर्व ही समापन हो जाने व कामगार समाज के कई पदाधिकारियों की गैर मौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी रही। इस मौके पर एडवोकेट राजेंद्र कुमार मारोठिया, मोहनदास स्वामी, श्रवण प्रजापत, संजय हर्षवाल, जितेंद्र स्वामी, नरेंद्र स्वामी, लालचंद माली, प्रकाश दर्जी, दीपक चांगल, विकास चारण, गंगाराम सुथार, गोपाल सुथार, विमल जेदीया, नेमाराम प्रजापत, मोहनलाल प्रजापत, हीरालाल गोस्वामी आदि मौजूद रहे। संचालन डॉ. बृजदीपक स्वामी ने किया।
