बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन में जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स में तैनात चूरू के जवान की पार्थिव देह आज शाम तक राजगढ़ पहुंचेंगी। 29 जुलाई को अरूणाचल प्रदेश में पहाड़ी क्षेत्र में बचाव दल के साथ काम करते समय जगवीर रेपसवाल के ऊपर पत्थर गिर गया। शनिवार को शहीद स्मारक से पैतृक गांव लंबोर खेड़ी तक 9 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। इससे पहले पार्थिव देह को शहीद स्मारक पर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा।
जगवीर रेपसवाल 1 जनवरी 2010 में बीआरओ में भर्ती हुए थे। वह लगभग तीन महीने पहले ही अवकाश पर अपने घर आए थे और उसके बाद ड्यूटी पर लौटे थे। जगवीर अपने पीछे पत्नी संतोष कुमारी, 13 साल का बेटा और 11 साल की बेटी छोड़ गए हैं। उनके पिता जय सिंह रेपसवाल का निधन वर्ष 1998 में हो गया था। मां कमला देवी और छोटे भाई सुखबीर रेपसवाल हैं।
शहीद का दर्जा देने की मांग
जगवीर के निधन की खबर मिलते ही पूरे राजगढ़ क्षेत्र में गमगीन माहौल है। गांव के रविन्द्र फगेड़िया ने कहा- जगवीर को सरकार और प्रशासन की तरफ से उचित सम्मान और शहीद का दर्जा नहीं मिला, तो ग्रामीण आंदोलन करेंगे।
GREF जवान को नहीं दिया जाता शहीद का दर्जा
भूतपूर्व सैनिक संघ के पूर्व अध्यक्ष जगत सिंह ने बताया- जवान ग्रीफ का सैनिक है। फौज की बाकी सुविधा है, लेकिन शहीद का दर्जा नहीं दिया जाता। सैनिक कल्याण कार्यालय में अभी तक कोई लेटर नहीं आया है। पार्थिव देह के साथ जो डॉक्यूमेंट आएंगे, उसके बाद ही आगे कुछ बता सकेंगे।
