बीकानेर के खाजूवाला में 50 बीघा कृषि भूमि की फर्जी रजिस्ट्री कराने के प्रयास के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने मृत भूमि स्वामी को जीवित बताकर उसकी जगह फर्जी व्यक्ति पेश किया था। वारिसों की आपत्ति के बाद मामला सामने आया। कोर्ट ने चारों आरोपियों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
उप पंजीयक कार्यालय में सामने आया मामला
थानाधिकारी अशोक बिश्नोई ने बताया कि तहसीलदार एवं उप पंजीयक हरीश कुमार टाक की रिपोर्ट पर खाजूवाला थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी, प्रतिरूपण और आपराधिक षड्यंत्र सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया। मामले की जांच सब इंस्पेक्टर कोहर सिंह ने की।
चार आरोपी गिरफ्तार, चार दिन का रिमांड
जांच में आरोप प्रमाणित होने पर पुलिस ने दानाराम भाट (सोनपालसर, सरदारशहर), राउराम भाट (वार्ड-4, खाजूवाला), अन्नाराम भाट (रामबास, छतरगढ़) और वेदप्रकाश बिश्नोई (13 केवाईडी, खाजूवाला) को गिरफ्तार किया। गुरुवार को चारों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से सोमवार तक चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
वारिसों की आपत्ति से खुला फर्जीवाड़ा
पुलिस के अनुसार, 27 जुलाई को तहसीलदार हरीश कुमार टाक ने एफआईआर दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि चक 6 बीजीएम स्थित 50 बीघा बारानी कृषि भूमि के दो विक्रय विलेख पंजीकरण के लिए प्रस्तुत किए गए थे। दस्तावेजों में दानाराम पुत्र गिरधारीराम को विक्रेता और वेदप्रकाश को खरीदार दिखाया गया था। इसी दौरान दानाराम के वारिसों ने आपत्ति दर्ज कराई कि उप पंजीयक कार्यालय में मौजूद व्यक्ति वास्तविक दानाराम नहीं है। उन्होंने बताया कि असली भूमि स्वामी की पहले ही मृत्यु हो चुकी है और उसकी जगह फर्जी व्यक्ति को खड़ा कर रजिस्ट्री कराने का प्रयास किया जा रहा है।
कई धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धोखाधड़ी, कूटरचना, प्रतिरूपण, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया है। अब पुलिस रिमांड के दौरान फर्जी दस्तावेज तैयार करने और पूरे षड्यंत्र में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच करेगी।
