राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने संगठित परीक्षा चीटिंग गिरोह के एक इनामी बदमाश को गिरफ्तार किया है। आरोपी सरकारी भर्ती परीक्षाओं में मेन कैंडिडेट से लाखों रुपए वसूलकर उनकी जगह डमी अभ्यर्थी बैठाने का काम करता था। 29 जुलाई को लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी की तलाश के बाद एसओजी ने उसे दबोच लिया। एसओजी ने आरोपी दिलखुश मीणा (30) पुत्र गब्बूराम मीणा निवासी राजगढ़, अलवर पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से एसओजी की टीम पूछताछ में जुट गई है।
डमी कैंडिडेट बैठाकर दिलाई परीक्षा
एडीजी (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया- कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) नई दिल्ली की ओर से 15 जुलाई-2018 को संयुक्त हायर सेकेंडरी लेवल (CHSL) परीक्षा-2017 सेकेंड ग्रेड का आयोजन हुआ था। एक संगठित गिरोह ने मेन कैंडिडेट की जगह पर डमी कैंडिडेट को बैठाकर एग्जाम दिलवाई थी। इसके बदले गिरोह के मेंबर्स की ओर से अवैध रूप से रकम वसूल की थी।
गिरोह के दलाल के रूप में सामने आई आरोपी की भूमिका
बंसल ने बताया कि गिरोह के बदमाश प्रमोद कुमार यादव, अवनीश कुमार उर्फ मोनू, चेतराम मीणा, विनय कुमार सिंह और सुनील कुमार मीणा सहित 10 आरोपियों को एसओजी पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।एसओजी जांच में आरोपी दिलखुश मीणा की भूमिका गिरोह के दलाल के रूप में सामने आई।
