राजगढ़ के बेगूं का बास के युवक का शव तीन महीने बाद संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से गांव पहुंचा। युवक आबूधाबी में एक कंपनी में काम करता था। परिजनों का आरोप है कि उन्हें युवक की मौत के कारणों की जानकारी नहीं दी गई है। परिजनों ने भारत सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की।दो दिन तक कमरे पर नहीं लौटा, बाद में मौत की जानकारी मिली जानकारी के अनुसार-युवक राकेश कुमार पुत्र दिलीप चंद आबूधाबी में एक कंपनी में काम करता था। राकेश के साथ काम करने वाले रतनगढ़ निवासी कपिल ने बताया कि वे दोनों साथ रहते थे। राकेश दो दिन तक कमरे में नहीं लौटा। बाद में उसकी मौत की सूचना मिली। कंपनी ने राकेश की मौत के कारणों की जानकारी नहीं दी। मृतक के चचेरे भाई अशोक ने बताया- राकेश से परिवार की नियमित बातचीत होती थी, लेकिन अचानक उसका फोन बंद हो गया। कई बार संपर्क करने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला। परिवार को राकेश की मौत की सूचना भी समय पर नहीं दी गई।
परिजनों ने भारत सरकार से जांच की मांग की
परिजनों ने आरोप लगाया है कि राकेश की मौत के बाद न तो कंपनी ने सहयोग किया और न ही भारतीय दूतावास से अपेक्षित मदद मिली। ग्रामीणों ने भारत सरकार से राकेश की मौत की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने, वास्तविक कारणों का खुलासा करने तथा कंपनी से नियमानुसार मुआवजा दिलाने की मांग की है। शाम को नम आंखों के साथ राकेश का अंतिम संस्कार किया गया।
