राजस्थान

उपचुनावों की घोषणा से पहले तबादले कर पलटी सरकार:40 की लिस्ट में अकेले दौसा से 39 ट्रांसफर किए थे; आज तारीखों का ऐलान संभव

राजस्थान की सात विधानसभा सीटों पर आज उपचुनाव की घोषणा की संभावना है। चुनाव आयोग आज दोपहर बाद तारीखों का ऐलान कर सकता है। प्रदेश में झुंझुनूं, दौसा, देवली-उनियारा, खींवसर चौरासी, सलूंबर,रामगढ़ सीटों पर उपचुनाव होने हैं।

साल 2023 में हुए विधानसभा चुनाव के 11 महीने के भीतर ही इन सीटों पर फिर इलेक्शन होंगे। इनमें से 5 सीट विधायकों के सांसद बनने के कारण और दो सीटें विधायकों के निधन के कारण खाली हैं।

इधर, उपचुनाव की घोषणा से पहले शिक्षा विभाग में ट्रांसफर कर दिए, हालांकि बाद में सरकार ने तबादले के आदेश को रद्द कर दिया। शिक्षा विभाग ने एक ही लिस्ट में 40 स्कूल प्रिंसिपल के ट्रांसफर किए थे, जिसमें 39 फेरबदल अकेले दौसा जिले के थे। बैन के बावजूद ग्रेड थर्ड शिक्षकों के भी तबादले किए गए थे।

सात सीटों पर आचार संहिता लग जाएगी सात सीटों पर उपचुनाव की घोषणा के साथ ही तत्काल प्रभाव से आचार संहिता लागू हो जाएगी। आचार संहिता लगने के साथ ही इन सीटों पर अब कोई भी उद्घाटन, लोकार्पण और सरकारी योजना की घोषणा नहीं हो सकेगी।

सरकार ऐसी कोई घोषणा नहीं कर सकेगी जिससे कि इन सीटों पर वोटर प्रभावित हो, ऐसे में नए सरकारी कामों पर रोक रहेगी। मंत्री 7 सीटों वाले इलाकों में सरकारी वाहनों व सुविधाओं का उपयोग नहीं कर सकेंगे।

7 में से बीजेपी के पास केवल सलूंबर सीट थी प्रदेश में जिन 7 सीटों पर उप चुनाव होने वाले हैं उनमें से बीजेपी के पास केवल सलूंबर सीट से अमृतलाल मीणा विधायक थे, बाकी की 6 सीटों में से 4 पर कांग्रेस, एक सीट भारतीय आदिवासी पार्टी और 1 RLP के पास थी। झुंझुनू,दौसा, देवली-उनियारा, रामगढ़ सीट पर कांग्रेस के एमएलए थे।

उपचुनावों के नतीजे प्रदेश की सियासत की दिशा तय करेंगे सात सीटों पर होने वाले उपचुनाव में सरकार और विपक्ष दोनों की ही प्रतिष्ठा जुड़ी हुई है। जिसके भी पक्ष और विपक्ष में इनके परिणाम जाएंगे, आगे का सियासी परसेप्शन उसी हिसाब से होगा। उपचुनाव की जीत और हार प्रदेश की अगली सियासी दिशा को भी तय करेगी। उपचुनावों के परिणाम के आाार पर ही सरकार, बीजेी और बाद विपक्षी पार्टी कांग्रेस में भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

नतीजे सरकार के कामकाज पर जनता की मुहर के तौर पर देखे जाएंगे सात सीटों पर होने वाले उपचुनाव के नतीजे प्रदेश की भाजपा सरकार के कामकाज की पहली परीक्षा के तौर पर भी देखे जाएंगे। इन सीटों पर जो भी नतीजे आएंगे उसे सरकार के कामकाज पर जनता की मुहर के तौर पर पेश किया जाएगा। अगर नतीजे बीजेपी के पक्ष में आते हैं तो बीजेपी इसे सरकार की सफलता के तौर पर पेश करेगी। अगर नतीजे अनुकूल नहीं आते हैं तो विपक्ष और हमलावर होगा और सरकार को पर्सेपसन के मोर्चे पर भारी दिक्क्तों का सामना करना पड़ेगा।

HIndustan kee jaan

Recent Posts

अंडरब्रिज निर्माण के दौरान पेयजल पाइपलाइन बचाने की मांग:ग्रामीणों ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, कहा-पानी की सप्लाई ना हो बाधित

सादुलपुर के सिद्धमुख गांव के ग्रामीणों ने दोपहर को तहसीलदार सिद्धमुख को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन…

2 months ago

480 नशीले कैप्सूल मामले में मुख्य सप्लायर काबू:हिसार पुलिस ने सीकर से पकड़ा, 2 तस्कर पहले किए थे गिरफ्तार

हिसार में पुलिस ने 480 नशीले कैप्सूल बरामदगी मामले में मुख्य सप्लायर को राजस्थान के…

2 months ago

वायरल वीडियो के बावजूद गिरफ्तारी नहीं, ग्रामीण नाराज:रानोली थाने का घेराव कर कार्रवाई की उठाई मांग

अखेपुरा गांव में जमीन विवाद को लेकर हुई मारपीट के मामले में पुलिस कार्रवाई न…

2 months ago

‘जीत के बाद पार्टी बदलने वालों का अब खोटा दिन’:डोटासरा बोले- सीकर में ऐसे लोग रहे, जो कांग्रेस में रहकर भाजपा की मदद करते थे

पंचायती राज और निकाय चुनावों में टिकट वितरण को लेकर प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने…

2 months ago

आईटीआर रिटर्न का 30 दिन में ई-वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा

चूरू इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया 31 जुलाई को पूरी हो गई हैं।…

2 months ago

सरदारशहर अस्पताल को मिली अत्याधुनिक सी-आर्म मशीन:भामाशाहों ने दिया आर्थिक सहयोग, अब फ्रैक्चर और जटिल सर्जरी होंगी ज्यादा सटीक

सरदारशहर उप जिला अस्पताल में अब हड्डी के फ्रैक्चर और अन्य जटिल ऑपरेशन अधिक सटीकता…

2 months ago