चूरू के घांघू गांव में साल 2023 में हुए हत्याकांड और जानलेवा हमले के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने इमरान, इरफान और मकसूद खान को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। हमले में फरमान खान की मौत हो गई थी, जबकि एक ही परिवार के दो अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सोनिका पुरोहित ने मामले की सुनवाई के बाद इमरान, इरफान और मकसूद खान को हत्या और जानलेवा हमले का दोषी माना। अदालत ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और प्रत्येक पर 50-50 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया।
पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 16 अप्रैल 2023 को यूसुफ खान अपने भतीजों आरिफ खान और फरमान खान के साथ मस्जिद से नमाज अदा कर घर लौट रहे थे। रास्ते में जाफर खान, इमरान, इरफान, मकसूद खान और खुशी उर्फ शमशेर ने उन्हें रोक लिया। पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने लोहे के पाइप और लाठियों से हमला कर दिया।
एक की मौत, दो घायल
हमले में फरमान खान और आरिफ खान के सिर पर गंभीर चोटें आईं, जबकि यूसुफ खान भी घायल हो गए। तीनों को राजकीय डीबी अस्पताल, चूरू ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने फरमान खान को मृत घोषित कर दिया। अन्य घायलों का इलाज किया गया।
साक्ष्यों के आधार पर हुई सजा
घटना के बाद सदर थाना पुलिस ने हत्या और हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। सुनवाई के दौरान जिला अभियोजक रोशन सिंह राठौड़ ने अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी की। अदालत ने गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
