राजस्थान में तबादला प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। इससे पहले हाल में कर्मचारियों और अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया था, जिस पर अब नाराजगी सामने आने लगी है। धौलपुर जिले के एक सरकारी स्कूल में कार्यरत हेड मास्टर ने अपने ट्रांसफर पर नाराजगी जाहिर करते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखी है। पोस्ट में उन्होंने खुद को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का कार्यकर्ता बताते हुए भारतीय जनता पार्टी के लिए किए गए अपने योगदान का जिक्र किया है। साथ ही शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर भी नाराजगी जताई है। वहीं राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत के बेटे दीपक कुमावत का ट्रांसफर और फिर कैंसिल होने का मामला भी सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। बता दें कि राजस्थान में हाल में अलग-अलग विभागों में बड़े स्तर पर तबादले किए गए थे। इसके बाद कई कर्मचारी और अधिकारी अपने तबादलों को लेकर असंतोष जता चुके हैं। अब टीचर की पोस्ट ने तबादला प्रक्रिया को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
कैबिनेट मंत्री के बेटे का ट्रांसफर हुआ कैंसिल
राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत के बेटे दीपक कुमावत के तबादले को लेकर भी सोशल मीडिया पर विवाद छिड़ गया है। 9 जुलाई को पंचायत समिति सुमेरपुर (पाली) में सहायक प्रोग्रामर के पद पर कार्यरत दीपक कुमावत का तबादला पंचायत समिति जालौर किया गया था, लेकिन महज 24 घंटे बाद 10 जुलाई को आदेश निरस्त कर उन्हें यथावत पदस्थापित कर दिया गया। इसके बाद सोशल मीडिया पर मंत्री और उनके बेटे को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। यूजर्स इस फैसले को लेकर सवाल उठा रहे हैं और तबादला प्रक्रिया में कथित दोहरे मापदंड अपनाने के आरोप लगाते हुए सरकार पर निशाना साध रहे है।
